Explore the books by author for excelling in your discipline.
Read NowExplore for "promotable images/quotes" at your social media for a better society.
Read Now
सफल बनने के लिए मानवीय गुण यथा धैर्य, साहस, शिष्टाचार, ईमानदारी और त्याग की भी जरूरत है, ये गुण नींव हैं ऐसा मेरा विश्वास है|
धैर्य ताकि आप सही काम के लिए अपना योगदान दे सकें |
साहस ताकि आप सच की राह पर चलने के लिए किसी भी तकलीफ और असुविधा से न डरें |
शिष्टाचार ताकि आप अपने से बड़े लोगों के अनुभव का लाभ ले सकें, उन्हें सुरक्षित महसूस करा उनकी अनुसंशा(recommendation) प्राप्त कर सकें |
ईमानदारी ताकि आपके बात और व्यवहार में समानता रहे और आप लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें सुरक्षित महसूस करा सकें ताकि वो आपके प्रयोजन में अपना अधिकतम योगदान दे सकें |
त्याग ताकि आप सच को बल देने के लिए अपनी सुविधा का त्याग कर सकें |
-लवकुश कुमार
लेखक भौतिकी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से परास्नातक हैं और वर्तमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग में अराजपत्रित अधिकारी हैं।
ऊपर व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार जिनका उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी है।
सफल बनने के लिए मानवीय गुण यथा धैर्य, साहस, शिष्टाचार, ईमानदारी और त्याग की भी जरूरत है, ये गुण नींव हैं ऐसा मेरा विश्वास है|
धैर्य ताकि आप सही काम के लिए अपना योगदान दे सकें |
साहस ताकि आप सच की राह पर चलने के लिए किसी भी तकलीफ और असुविधा से न डरें |
शिष्टाचार ताकि आप अपने से बड़े लोगों के अनुभव का लाभ ले सकें, उन्हें सुरक्षित महसूस करा उनकी अनुसंशा(recommendation) प्राप्त कर सकें |
ईमानदारी ताकि आपके बात और व्यवहार में समानता रहे और आप लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें सुरक्षित महसूस करा सकें ताकि वो आपके प्रयोजन में अपना अधिकतम योगदान दे सकें |
त्याग ताकि आप सच को बल देने के लिए अपनी सुविधा का त्याग कर सकें |
-लवकुश कुमार
लेखक भौतिकी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से परास्नातक हैं और वर्तमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग में अराजपत्रित अधिकारी हैं।
ऊपर व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार जिनका उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी है।
कानून व्यवस्था का महत्व एक सुरक्षित और उन्नतिशील समाज के लिये बहुत अहम है क्यूंकि सुरक्षित महसूस कर रहा इंसान ही रचनात्मकता और व्यापार की तरफ बेहतर तरीके से बढ़ सकता है और समाज में अर्थव्यवस्था तथा उत्कृष्टता को प्रोत्साहित कर सकता इसके लिए, पुलिस विभाग के रिटायर्ड अधिकारी डॉ विक्रम सिंह (पूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस) जैसे अधिकारीयों को यूट्यूब पर सुना जा सकता है |
जब भी किसी जॉब का नोटिफिकेशन आये तो उसे पूरा पढ़ें खुद से.. उसके बाद डाउट( संदेह) होने पर ही साइबर कैफ़े या किसी और से पूंछे |
सामान्यतया ऐसे विज्ञापन द्विभाषी होते हैं अतः एक भाषा में दिक्कत होने पर दूसरी भाषा के हिस्से को पढ़कर, पात्रता और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी प्राप्त करें, पका पकाया हलवा न ढूंढे, अनाधिकृत यूट्यूब विडियो के बजाय आधिकारिक वेबसाइट से विज्ञापन डाउनलोड करके जानकारी निकालें |
हाल ही में कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर के बलात्कार के बाद हत्या का मामला सामने आया है, जो बहुत दुःखी करने और झंझोड़ने वाला मामला है, हमें सतही तौर पर लगता है कि सब कुछ सही चल रहा है लेकिन जब ऐसी दुखद घटनाएं सामने आती हैं तो लगता है कि बहुत कुछ है जो ग़लत और सोचनीय है।
जैसे एक अंदर से सड़ा हुआ फल ऊपर से ठीक लगते हुए भी अंदर की सड़न रोक नहीं सकता और अलग अलग समय पर उसके अंदर की सड़न खुद को मैनीफेस्ट करती है सतह पर आकर और हमारे लिए मुश्किल होता है बताना कि सड़न का अगला चकत्ता फल के किस हिस्से में दिखाई देगा, वैसे ही अंदर से सड़ रहे समाज में, अंदर की सड़न खुद को मैनीफेस्ट करती है समय समय पर, कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज की अत्यंत दुखद घटना भी ऐसा ही एक मैनीफेस्टेसन है अंदर से सड़ रहे समाज का, ये सड़न समाज में कहीं भी हो सकती है, केवल एक राज्य तक सीमित नहीं, अंदर की सड़न का मैनीफेस्टेसन कहीं भी दिखाई दे सकता है।
जरूरत है कि हर इंसान अपने जीवन की प्राथमिकताओं और अपने जीवन दर्शन की समीक्षा कर जांच करे की वो कहीं अनजाने में ही सही, समाज की इस सड़न को बढ़ाने में भागी तो नहीं बन रहा।
इस संबंध में जाने माने वेदांत शिक्षक आचार्य प्रशांत का एक वीडियो हमें बेहतर दृष्टि दे सकता है -
https://app.acharyaprashant.org/?id=9-v7e7e
-लवकुश कुमार
लेखक भौतिकी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से परास्नातक हैं और वर्तमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग में अराजपत्रित अधिकारी हैं।
ऊपर व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार जिनका उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी है।
जब तक जीवन भय मुक्त न हो
सुख शांति संयुक्त न हो
भ्रष्टाचार, अपराध बलात्कर विलुप्त न हो
गला क्रंदन मुक्त न हो।
देशभक्त मतवालों के,
हम सब हिम्मत वालों के,
आगे बढ़ते चलें क़दम,
पर्वत चढ़ते चलें क़दम!
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
डॉ अनिल वर्मा
कवि कृषि रसायन में परास्नातक हैं और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर उत्तराखंड में कृषि रसायन पर शोध कार्य कर चुके हैं।
ये कवि के निजी विचार हैं और समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और बेहतरी के प्रयोजन से लिखे गए हैं।
We all may have experienced that cleanliness has impact of enhancing our mood leading to mindfulness which is necessary for efficiency and productivity so habit of cleanliness may be inculcated in people from their student life itself.
A clean home boosts mood
Clutter means confusion
Cleanliness of study table- Books as per current need & other books in shelf.
इतिहास हमे समझ देता है जिससे हम निर्णय निर्माण के द्वारा अपेक्षित लाभ अर्जित कर सकें और जहां तक हो सके अप्रत्याशित नुकसान से बच सकें, साथ ही इतिहास के अध्ययन से हम समझते हैं की आज का ये समाज किन चरणों से विकसित होते हुये यहाँ तक पहुंचा और कौन कौन सी घटनाएँ इस यात्रा मे निर्णायक साबित हुयी | इस प्रकार इतिहास का अध्ययन रुचिकर हो जाता है |
इतिहास मे रुझान के लिए अच्छे इतिहासकारों को पढ़ा जा सकता है, ऑनलाइन भी अच्छा मटेरियल उपलब्ध है, फिलहाल जिस तरह से मैंने इतिहास को समझा है वह तरीका मै आपके साथ साझा कर रहा हूँ, आप लोगों मे से कुछ लोगों के लिए भी यह तरीका काम आया तो मेरा लिखना सफल हो जाएगा |
शुरुआत मे इतिहास के छोटे छोटे हिस्सों को समझा जा सकता है और परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बातों को याद किया जा सकता है -
कुछ समाज सुधार आंदोलन / समाज सुधारक
( ये एक उदाहरण है स्त्री सशक्तिकरण का )
उपरोक्त के बारे मे अलग से विस्तृत जानकारी और कार्य / क्षेत्र के बारे मे पढ़ा जा सकता है |
अकबर से संबन्धित कुछ बातें
राजस्व मंत्री – टोडरमल
प्रसिद्ध संगीतकार- तानसेन ( रामतनु पांडे )
प्रसिद्ध सलाहकार – बीरबल
प्रतियोगी परीक्षाओं के जो अभ्यर्थी मानविकी से हैं वो गणित की तैयारी, आधारभूत बातों को सीखने से करें जैसे कि प्रतिशत निकालना, लाभ हानि, भाज्य, भाजक और शेषफल की समझ और परिचय।
उदाहरण के लिए एक यू-ट्यूब के ऐसे चैनल का लिंक नीचे दिया जा रहा है जिसमें काफी वीडियो हैं इस स्तर के जिससे गणित को शुरुआती स्तर से सीखा जा सकता है और समय और सुविधा के आधार अपना स्तर धीमें धीमें नियमित रूप से बढ़ाया जा सकता है| यथा ६, ७, ८ और ९ , आगे भी अगर आवश्यकता है तो|
लिंक- https://youtube.com/shorts/1_bZl_e0Cfw?si=KkrCM6M7jpwkrWcM
शुभकामनाएं 💐
कोई सवाल होने पर फीडबैक फॉर्म ( https://lovekushchetna.in/contact.php )
भरकर अपनाया प्रश्न पूछे|
- लवकुश कुमार
लेखक भौतिकी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से परास्नातक हैं|
