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महत्व(लघु कथा)- सौम्या गुप्ता

गरिमा - आभा एक बात तो बता जरा।

आभा - हाँ गरिमा, पूछो?

गरिमा - संपादक महोदय जब मुझे लेखिका महोदया बुलाते हैं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है जबकि नाम से जब वो बुलाते हैं तो इतना अच्छा नहीं लगता, ऐसा क्यों?

आभा - तू जवाब जानती है, फिर भी मुझसे पूछ रही है। लेखिका तो तू है, तुझे पता होना चाहिए और आभा हंसने लगती है।

गरिमा मुस्कुराते हुए- तू ऐसा ही समझ ले, अब बता।

आभा - इस संबोधन में तुम्हारे काम (लेखन) को महत्व दिया जा रहा है, जो तुम्हारा भी महत्व है, हर व्यक्ति खुद को महत्वपूर्ण समझना चाहता है और इसके संबोधन में तो तुम्हारे काम व तुम्हे दोनों को महत्व मिलता है, इसीलिए अच्छा लगता है दूसरे शब्दों में 

'लेखिका' शब्द  गरिमा तुम्हारे पेशे और पहचान का प्रतीक है। जब संपादक तुम्हे 'लेखिका' कहते हैं, तो वह तुम्हारे काम को मान्यता देते हैं और तुम्हे यह महसूस कराते हैं कि तुम एक पेशेवर हो और तुम सम्मानित महसूस कराती हो।

ठीक है न लेखिका महोदया ? और दोनों हंसने लगती हैं।

© सौम्या गुप्ता 

सौम्या गुप्ता जी इतिहास मे परास्नातक हैं और शिक्षण का अनुभव रखने के साथ समसामयिक विषयों पर लेखन और चिंतन उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं |


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उजाला और मुस्कुराहट- सौम्या गुप्ता

चलो उन उजालों की कहानी लिखें 

चलो उन गवाहों की कहानी लिखें

चलो कहीं दूर चलकर अपनी कहानी लिखें

मुस्कान बहुत अनमोल है हम सबकी

उससे भी अनमोल है किसी के होठों पे लाना 

चलो उन मुस्कुराहटों की तो कहानी लिखें

चलो दूर कहीं चलकर अपनी कहानी लिखें

ज़िंदगी में सीखा है मैंने जो दोगे वही मिलेगा

बाँटोगे फूल तो अपना हाथ भी महकेगा।

चलो इस लेन-देन की कहानी लिखे

कहीं दूर चलकर अपनी कहानी लिखें।

-सौम्या गुप्ता 

सौम्या गुप्ता जी इतिहास मे परास्नातक हैं और शिक्षण का अनुभव रखने के साथ समसामयिक विषयों पर लेखन और चिंतन उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं |


इस कविता के माध्यम से कवयित्री क्या संदेश देना चाह रही है उसे कुछ प्रश्नों के माध्यम से आसानी से समझ सकते है :

कवयित्री ने मुस्कुराहट को अनमोल क्यों बताया है?

कवयित्री  ने मुस्कुराहट को अनमोल इसलिए बताया है क्योंकि यह खुशी और आनंद का प्रतीक है, जो जीवन में महत्वपूर्ण है। मुस्कुराहट से लोगों के बीच संबंध मजबूत होते हैं और यह कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मकता बनाए रखने में मदद करती है। यह लेख मुस्कुराहट को अनमोल मानता है क्योंकि यह दूसरों के साथ साझा की जाने वाली खुशी और सहानुभूति की भावना को व्यक्त करता है।

कवयित्री  ने जीवन में क्या सीखा है?

कवयित्री  ने जीवन में यह सीखा है कि जो दोगे वही मिलेगा। इसका मतलब है कि यदि आप दूसरों से अच्छा व्यवहार चाहते हो तो पहले दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करके एक उदाहरण पेश करो । कवयित्री जीवन में दयालुता, सहानुभूति और प्रेम का महत्व समझती है।

कवयित्री दूसरों के साथ क्या साझा करना चाहती  है?

कवयित्री दूसरों के साथ अपनी खुशियाँ और अनुभव साझा करना चाहती है। वह चाहती है कि लोग जीवन में सकारात्मकता और आनंद की भावना को अपनाएँ। कवयित्री दूसरों के साथ प्रतीकात्मक रूप से फूल बांटकर और अपनी कहानी लिखकर खुशी फैलाना चाहती है।


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शुभकामनाएं

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मन की शांति और गरिमा

जब मन में शांति हो तब व्यवहार में प्रेम और दूसरों की गरिमा के प्रति सम्मान झलकता है।

-लवकुश कुमार 

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