सफल बनने के लिए मानवीय गुण यथा धैर्य, साहस, शिष्टाचार, ईमानदारी और त्याग की भी जरूरत है, ये गुण नींव हैं ऐसा मेरा विश्वास है|
धैर्य ताकि आप सही काम के लिए अपना योगदान दे सकें |
साहस ताकि आप सच की राह पर चलने के लिए किसी भी तकलीफ और असुविधा से न डरें |
शिष्टाचार ताकि आप अपने से बड़े लोगों के अनुभव का लाभ ले सकें, उन्हें सुरक्षित महसूस करा उनकी अनुसंशा(recommendation) प्राप्त कर सकें |
ईमानदारी ताकि आपके बात और व्यवहार में समानता रहे और आप लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें सुरक्षित महसूस करा सकें ताकि वो आपके प्रयोजन में अपना अधिकतम योगदान दे सकें |
त्याग ताकि आप सच को बल देने के लिए अपनी सुविधा का त्याग कर सकें |
-लवकुश कुमार
लेखक भौतिकी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से परास्नातक हैं और वर्तमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग में अराजपत्रित अधिकारी हैं।
ऊपर व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार जिनका उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी है।