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गरिमा और स्वतंत्रता - डॉ अनिल वर्मा

जब तक जीवन भय मुक्त न हो

सुख शांति संयुक्त न हो

भ्रष्टाचार, अपराध बलात्कर विलुप्त न हो

गला क्रंदन मुक्त न हो।

 

देशभक्त मतवालों के,

 

हम सब हिम्मत वालों के,

 

आगे बढ़ते चलें क़दम,

 

पर्वत चढ़ते चलें क़दम!

 

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

डॉ अनिल वर्मा 

कवि कृषि रसायन में परास्नातक हैं और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर उत्तराखंड में कृषि रसायन पर शोध कार्य कर चुके हैं।

ये कवि के निजी विचार हैं और समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और बेहतरी के प्रयोजन से लिखे गए हैं।