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ATSEP Day Special: Where Precision meets Safety (The Silent Sentinels of the Sky) - Debashree Sarkar

As mentioned in the objective of this website, to spread awareness about things that make our life easier and convenient, this article you are reading will bring to you knowledge and understanding of something great and crucial for safe aviation ensuring uninterrupted communication between pilots and ground officers of Airport Operators and ensuring safe landing, take offs and navigation through sky even in tough situations.

So ready to address the curiosity and ready to salute the staff working round the clock for safe Aviation!

Let's start :

(Picture courtesy:- Airports Authority of India)

While pilots and Air Traffic controllers are the visible faces of aviation safety, ATSEP- the Air Traffic Safety Electronics Personnel silently work behind the scenes.

 These unsung invisible guardians of the sky are the ones who ensure that each and every communication facility, navigational aid and surveillance facility is operational, with each and every parameter within the optimum range and immediately restore normalcy whenever any abnormality is sensed. 

  • ATSEPs ensure safety, accuracy and reliability of equipment that controllers depend on to guide an aircraft.
  • Even a minor technical fault can compromise safety — ATSEP prevent that through constant vigilance and skillful engineering. 
  • ATSEPs ensure seamless communication by managing VHF/UHF transmission and reception, data links and voice switching systems that connect pilots and controllers. Without ATSEPs, communication breakdowns could halt air traffic operation.
  • They help maintain accuracy of navigational aids like DVOR, DME, ILS and surveillance system like Radar, ADS-B ensuring that aircrafts stay on safe routes and glide paths. Their technical precision ensures accurate aircraft positioning and smooth landings even in tough weather conditions.

Modern ATC depends on software-driven systems for flight data processing, coordination, and safety nets,

In this regard,

  • ATSEPs help manage Automation and Database System, handling system integration, updates, cybersecurity, and redundancy to keep operations resilient and secure.
  • ATSEPs ensure maximum system availability by prompt response and quick fault rectification. They ensure compliance of ICAO Standards and Recommended Practices and national safety regulations, contributing to global aviation safety. 

Through their unwavering commitment, technical excellence, and adherence to global standards, ATSEPs uphold our nation’s international reputation and ensure the highest level of operational credibility in aviation safety.

 

I hope this helps in building a good understanding of our work.

"Happy International ATSEP Day."

Debashree Sarkar 


The writer is an officer in CNS ( Communication Navigation & Surveillance ) wing of Airports Authority of India. 

The article has been written in personal capacity for general information to the public and emphasizing the crucial importance of ATSEP for safe aviation.


Feedback and queries on the articles may be submitted through contact form or the same can be emailed to lovekushchetna@gmail.com

If you wish to share something necessary to be known by public just drop an email to id above, I will be Happy to publish it.

 

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जानकारी 12.11.2025

 देश में प्रति 1000 आबादी पर सरकारी कर्मियों (दोनों केंद्र और राज्यों के) का अनुपात मात्र 16 है, जबकि जापान में 39, यूके और कनाडा में 39 से 46, फ्रांस में 55, चीन में 57, इंडोनेशिया में 60, यूएस में 77, ब्राजील में 111 और नॉर्वे में 150 है

- भूटान को चीनी चंगुल से बचाने की चुनौती

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिन के लिए भूटान के दौरे पर हैं। भूटान क्षेत्रफल में भारत का सबसे छोटा पड़ोसी है, परंतु इसका सामरिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह चीनी कब्जे वाले तिब्बत और भारत के बीच ऊंचे हिमालयों में स्थित महत्वपूर्ण मध्यवर्ती देश है। गत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी का वहां चार बार जाना और इसी तरह भूटान के प्रधानमंत्रियों और राजाओं का लगातार भारत में आगमन का क्रम दर्शाता है कि इस संवेदनशील रिश्ते को उचित ही सर्वोच्च राजनीतिक महत्व दिया जा रहा है। भूटान अगर कमजोर और बेसहारा बन जाए तो विस्तारवादी चीन न केवल उसे निगल जाएगा, बल्कि भारत की सीमा पर एक और मोर्चा खोल देगा।

- सीलाइट’ नामक अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान के अनुसार हाल के वर्षों में चीन ने भूटान की पारंपरिक सीमाओं के भीतर कम से कम 22 कृत्रिम गांव बसाए हैं, जो इस छोटे से देश के लगभग दो प्रतिशत भूभाग पर कब्जा हैं। इन चीनी बस्तियों में सड़कें, सैन्य चौकियां और प्रशासनिक केंद्र भी शामिल हैं, जिससे जमीनी स्तर पर ऐसे नए तथ्य अंकित कर दिए गए हैं, जिन्हें नकारना मुश्किल है।

- 2007 में संशोधित भारत-भूटान स्थायी मैत्री संधि के अनुसार दोनों देश “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों” का मुकाबला करेंगे। चीन द्वारा भूटान में घुसपैठ करने और उसे अपने अधीन लाने के मंसूबों के कारण प्रतिरक्षा भारत-भूटान संबंधों का प्रमुख स्तंभ बना रहेगा। चूंकि भूटान को भारतीय सैन्य सहायता संवेदनशील मामला है, इसलिए उसके बारे में सार्वजनिक रूप से घोषणाएं नहीं होती हैं

- दक्षिण एशिया में भारत के पड़ोसियों में भूटान एकमात्र देश है, जो चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल में शामिल नहीं हुआ है

- भूटान की अपनी चौथी यात्रा में मोदी जी ने भारत की मदद से बने पुनतसंगचु जलविद्युत परियोजना का अनावरण किया 

- भारत अपने उत्तर-पूर्वी राज्य असम के कोकराझार से भूटान के प्रतिष्ठित ‘न्यू गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ तक 58 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का भी निर्माण कर रहा है, जिससे आपसी कारोबार और पर्यटन का विकास होगा।

- भूटान की आठ लाख से भी कम आबादी अत्यंत धर्मपरायण है और अपनी अद्वितीय बौद्ध विरासत के संरक्षण के प्रति सचेत है।

- मोदी जी अपनी इस भूटान यात्रा में एक विशेष ‘वैश्विक शांति प्रार्थना’ समारोह में भी भाग ले रहे हैं, जो दोनों देशों की सरकारें साझा तौर पर आयोजित कर रही हैं।

- नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव की तरह भूटान में भी चीन घुसपैठ करके भारत-विरोधी भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है।


विभिन्न समाचार पत्रों और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्ट्स एवं दस्तावेजों पर आधारित तथा जन जागरूकता के उद्देश्य से संकलित, संकलन कर्ता भौतिकी में परास्नातक हैं ।

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समझ 12.11.2025

 आजादी के दो दशकों तक सरकारी कर्मी की पगार प्रति व्यक्ति आय से कम थी, लेकिन वेतन आयोगों के जरिए बेतहाशा बढ़ने लगी। कई गुना सरकारी वेतन के कारण युवा इनोवेशन से हटकर सरकारी नौकरियों को ही अंतिम सत्य समझते हैं और समाज में भी आर्थिक खाई बढ़ती है।

- समृद्धि की अपनी समस्याएं हैं। विकास के अपने संकट हैं। विकासशील देश का गमछा उतार कर भारत विकसित देशों की कतार में खड़ा होना चाहता है। संकट से जूझते समृद्ध देश आंखें तरेर रहे हैं।

- जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने तीन डाक्टरों समेत सात ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने फरीदाबाद में करीब तीन हजार किलो विस्फोटक जमा कर रखा था। इनमें एक महिला डाक्टर भी है। शेष में मौलवी और छात्र हैं। इनके पास से राइफल, पिस्टल, टाइमर आदि भी मिले हैं। साफ है कि अब यह धारणा सही नहीं रही कि अशिक्षित और गरीब मुस्लिम युवा ही आतंक की ओर उन्मुख होते हैं।

- यह सही है कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता, लेकिन इसमें भी कोई संदेह नहीं कि मजहब की आड़ लेकर भी आतंक के रास्ते पर चला जा रहा है।

- एक के बाद एक कई आतंकी गुटों के भंडाफोड़ के बीच दिल्ली की घटना केवल यही नहीं बताती कि सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहना होगा, बल्कि इसकी भी मांग करती है कि मुस्लिम समाज का राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक स्तर पर नेतृत्व करने वाले यह देखें कि किन कारणों से उनके युवा आतंक की राह पर चल रहे हैं?

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिन के लिए भूटान के दौरे पर हैं। भूटान क्षेत्रफल में भारत का सबसे छोटा पड़ोसी है, परंतु इसका सामरिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह चीनी कब्जे वाले तिब्बत और भारत के बीच ऊंचे हिमालयों में स्थित महत्वपूर्ण मध्यवर्ती देश है। गत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी का वहां चार बार जाना और इसी तरह भूटान के प्रधानमंत्रियों और राजाओं का लगातार भारत में आगमन का क्रम दर्शाता है कि इस संवेदनशील रिश्ते को उचित ही सर्वोच्च राजनीतिक महत्व दिया जा रहा है। भूटान अगर कमजोर और बेसहारा बन जाए तो विस्तारवादी चीन न केवल उसे निगल जाएगा, बल्कि भारत की सीमा पर एक और मोर्चा खोल देगा।

- 1950 के दशक में तिब्बत में चीन के अतिक्रमण और वर्तमान में नेपाल में चीन के विस्तार को देखते हुए भारत के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि भूटान को चीनी महत्वाकांक्षाओं से बचाकर रखे

- अंतरिक्ष उपग्रहों से लेकर वित्तीय प्रौद्योगिकी तक भारत उभरते क्षेत्रों में भूटान की मदद कर रहा है, ताकि उसके विभिन्न राजनीतिक समूह और सामाजिक वर्ग भारत के साथ मित्रता के ठोस लाभ को महसूस कर सकें

- मोदी जी की भूटान यात्रा दुनिया को याद दिलाएगी कि भारत दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के लिए प्रमुख साझीदार बनने के लिए तत्पर है और इस मामले में चीन से प्रतिस्पर्धा करने से नहीं कतराएगा।

- विकास और प्रतिरक्षा के अलावा भारत ने संस्कृति और आध्यात्मिकता को अपनी भूटान नीति का तीसरा स्तंभ बनाया है।भूटान की इस यात्रा के दौरान मोदी एक मठ में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पूजा करेंगे, जिन्हें उत्तर प्रदेश के पिपरहवा से वहां भेजा गया है। इसके अलावा भारत की ओर से बौद्ध आध्यात्मिक नेता और भूटानी राष्ट्र के संस्थापक झाबद्रुंग नामग्याल की प्रतिमा भी भूटान को प्रदर्शन के लिए दी गई है।

- भारत-विरोधी भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है। भविष्य में चीनी कारस्तानियों से निपटने के लिए भारत को भूटानी विशिष्ट वर्ग के साथ-साथ आम लोगों से भी घनिष्ठ संबंध बनाने होंगे


विभिन्न समाचार पत्रों और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्ट्स एवं दस्तावेजों पर आधारित तथा जन जागरूकता के उद्देश्य से संकलित, संकलन कर्ता भौतिकी में परास्नातक हैं ।

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उभरते सवाल 12.11.2025

 विकास की विपन्नता और समृद्धि के संकट क्या हैं ?
- पिछले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से आतंकियों के कई गुटों का जो भंडाफोड़ हुआ, वह चिंतित करने वाला ही है। यह गंभीर चिंता की बात है कि पढ़े-लिखे और यहां तक कि डाक्टर डिग्री धारक भी आतंक के रास्ते पर चल रहे हैं। 
- एक के बाद एक कई आतंकी गुटों के भंडाफोड़ के बीच दिल्ली की घटना केवल यही नहीं बताती कि सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहना होगा, बल्कि इसकी भी मांग करती है कि मुस्लिम समाज का राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक स्तर पर नेतृत्व करने वाले यह देखें कि किन कारणों से उनके युवा आतंक की राह पर चल रहे हैं?


विभिन्न समाचार पत्रों और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्ट्स एवं दस्तावेजों पर आधारित तथा जन जागरूकता के उद्देश्य से संकलित, संकलन कर्ता भौतिकी में परास्नातक हैं ।
 

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समझ 11.11.2025

प्रतिबद्ध व्यय का उच्च स्तर विकासात्मक कार्यों को करने की राज्य सरकारों की क्षमता को सीमित करता है।
- सोचने की क्षमता वह विलक्षण गुण है, जो हमें अन्य प्राणियों से अलग कर इंसान बनाती है।
-  लिहाजा चीन पाकिस्तान को किस किस्म के गुप्त परमाणु परीक्षण में मदद कर रहा है, यह देखना होगा। केवल ट्रम्प के खुलासों पर भरोसा करके भारत अपनी कूटनीति नहीं बदल सकता।
- हमें दूसरों की आस्थाओं का सम्मान करना सीखना होगा
- किसी भी देश की लंबे समय तक चलने वाली समृद्धि और मजबूती का रहस्य क्या है, इसके बारे में नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार समिति लगातार बताती रही है। जोएल मोकिर, फिलिप एगियों और पीटर हॉविट को यह बताने के लिए पुरस्कृत किया गया कि कैसे संस्कृति, संस्थान और 'रचनात्मक विध्वंस' यानी, पुराने और कम कुशल तरीकों को नए और बेहतर विचारों से लगातार बदलना, हमेशा नए आविष्कारों को उत्पादकता में बदलते रहते हैं।
- राष्ट्र निर्माण में अनुसंधान प्रयोगशालाएं हैं अहम
- कंपनियों को प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने और ऐसे लोगों की खेप तैयार करने की आवश्यकता है जो हमारी अनुसंधान प्रयोगशालाओं को ताकत देंगे। हमें शोधकर्ताओं को वैश्विक वेतन का भुगतान करने, उन्हें कॉरपोरेट सलाहकारों के साथ जोड़ने और लैब तक पहुंच की गारंटी देने की आवश्यकता है। 
- रूस और अमेरिका पर निर्भरता का खामियाजा हम पूर्व में भुगत चुके हैं, लिहाजा यह आवश्यक था कि हम अपने हथियार खुद बनाएं। सुखद बात है कि पिछले कुछ समय से इस दिशा में जरूरी सक्रियता दिखाई गई है और अबहम न सिर्फ कई हथियार खुद बनाने लगे हैं, बल्कि निर्यात भी करने लगे हैं।


विभिन्न समाचार पत्रों और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्ट्स एवं दस्तावेजों पर आधारित तथा जन जागरूकता के उद्देश्य से संकलित, संकलन कर्ता भौतिकी में परास्नातक हैं ।

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जानकारी 10.11.25

रेयर अर्थ की दुनिया भर की जरूरत का 70% चीन देता है।

- हाल में चीन ने भारत के प्रति अपना वाणिज्यिक ही नहीं रणनीतिक रवैया भी ज्यादा दोस्ताना किया है | रेयर अर्थ देने की प्रक्रिया भी बहाल की है

- देश में सेवा क्षेत्र के रोजगार संबंधी रुझानों पर नीति आयोग की एक हालिया रिपोर्ट ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाले इस क्षेत्र में रोजगार के हालात को एक बार फिर प्रकाश में ला दिया है। रिपोर्ट देश में रोजगार तैयार करने में सेवा क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताती है कि देश के कुल रोजगार में इसकी हिस्सेदारी 2011-12 के 26.9 फीसदी से बढ़कर 2023-24 में 29.7 फीसदी हो गई।

- यह सात पहलुओं पर रोजगार के परिदृश्य का परीक्षण करता है: स्थानिक वितरण, लैंगिक यानी स्त्री-पुरुष भागीदारी, रोजगार का प्रकार, आयु, शिक्षा, अनौपचारिकता और आय। ये सभी प्रोफाइल ढांचागत चुनौतियों की पहचान के लिए प्रयोग की जाती हैं

- सेवा क्षेत्र में रोजगार की औपचारिक-अनौपचारिक प्रोफाइल की बात करें तो, रिपोर्ट के अनुसार 51 फीसदी नौकरियां नियमित वेतन वाली हैं जबकि 45 फीसदी लोग स्वरोजगार में लगे हुए हैं। व्यापार और परिवहन क्षेत्रों में स्वरोजगार का अनुपात और भी अधिक है। यदि हम अनौपचारिक नौकरियों को उन नियमित वेतन वाली नौकरियों के रूप में परिभाषित करें जिनमें सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं मिलते, तो सेवा क्षेत्र में अनौपचारिक नौकरियों की संख्या बढ़कर 69 फीसदी हो जाती है। असंगठित क्षेत्र की वार्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट दर्शाती है कि सेवा क्षेत्र में मालिकों द्वारा संचालित और परिवारों द्वारा संचालित इकाइयों का प्रभुत्व है। ये कुल उद्यमों का 82.5 फीसदी हिस्सा हैं।


विभिन्न समाचार पत्रों और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्ट्स एवं दस्तावेजों पर आधारित तथा जन जागरूकता के उद्देश्य से संकलित, संकलन कर्ता भौतिकी में परास्नातक हैं ।

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उम्मीद 10.11.2025

भारत अब एक नई उड़ान पर है। यह उड़ान अंतरिक्ष के जरिए देश की सुरक्षा और जनता के सतत विकास के लक्ष्यों को साधने वाली है।

- इसमें सबसे ताजा उपलब्धि बीते दो नवंबर की है, जब इसरो ने अपने सबसे ताकतवर राकेट (एलवीएम3-एम5) से देश का अब तक का सबसे वजनी उपग्रह जीसैट-7आर प्रक्षेपित किया। सामरिक और भारतीय नौसेना की संचालन जरूरतों को साधने के लिए विकसित यह उपग्रह आत्मनिर्भरता के साथ-साथ दुनिया के अंतरिक्ष बाजार में भारत की बढ़ती साख की मिसाल है।

- अमेरिका की स्पेसएक्स दुनिया का अब तक का सबसे ताकतवर राकेट फाल्कन हैवी और स्टारशिप विकसित कर रही है, जो सौ टन से ज्यादा पेलोड (वजन) ले जाने में सक्षम होगा। चीन भी अपने भारी राकेट लांग मार्च5बी और भविष्य के लिए लांग मार्च-9 जैसे सुपर-राकेटों का निर्माण कार्य जारी रखे हुए है। इस किस्म के ताकतवर राकेटों में रूस के प्रोटोन और विकसित किए जा रहे राकेट एंगारा का नाम भी शामिल है।

- यह उपग्रह विशेष रूप से भारतीय नौसेना की संचालन और सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। भारी उपग्रहों को प्रक्षेपित करने में सक्षम होना इस बात का संकेत है कि अंतरिक्ष शक्ति के मामले में भारत अब वह दक्षता हासिल कर चुका है, जिसके लिए कभी रूस या अमेरिका की अंतरिक्ष एजंसियों से बाहर कोई विकल्प मौजूद नहीं था।


विभिन्न समाचार पत्रों और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध रिपोर्ट्स एवं दस्तावेजों पर आधारित तथा जन जागरूकता के उद्देश्य से संकलित, संकलन कर्ता भौतिकी में परास्नातक हैं ।

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Accountability : जवाबदेही का महत्व

जवाबदेही का महत्व 

 

जवाबदेही का सबसे बड़ा महत्व यही होता है कि जो कार्यपालक है, जो कोई कार्य कर रहा है उसे पता है कि काम अगर बिगड़ जाएगा या फिर उसकी गुणवत्ता में कोई कमी रह जाएगी तो उसके लिए उसे जवाब देना पड़ेगा, स्पष्टीकरण देना पड़ेगा इस अवस्था में कार्य करने वाला व्यक्ति या संस्था उस कार्य को बेहतर से बेहतर तरीके से संपन्न करते हैं ताकि उन्हें किसी भी कमी या खामी पर जवाब न देना पड़े इसीलिए अगर हम चाहते हैं कि किसी संगठन का अभीष्ट उद्देश्य प्राप्त हो तो हमें उसके सारे कार्मिकों को जवाबदेह बनाना होगा ताकि सभी अपने-अपने हिस्से का कार्य अच्छे से संपन्न करें और अभीष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अभीष्ट योगदान दे सके जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण, रिपोर्ट्स मांगना और एक्शन टेकन रिपोर्ट एटीआर को प्रस्तुत करने के नियम बनाना, यह कुछ तरीके होते हैं जवाबदेही तय करने के, इस तरह जो सबसे महत्वपूर्ण बात आती है वह है कि अगर कोई व्यक्ति कार्मिक अपने दायित्व के निर्वहन में लापरवाही बरतता हुआ पाया जाए तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि वह एक नजीर बने और अन्य कार्मिक भी जवाबदेही को ध्यान में रखकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। 

इस कैटेगरी में आने वाले लेख विभिन्न क्षेत्रों में तर्क संगत जवाब देही से जुड़े हुए मुद्दों को पाठकों के ध्यान में लाने हेतु लिखे जाएंगे।

- लवकुश कुमार 


लेखक भौतिकी में परास्नातक हैं और उनके लेखन का उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी के लिए अपने विचार साझा करना है ताकि उत्कृष्टता, अध्ययन और विमर्श को प्रोत्साहित कर देश और समाज के उन्नयन में अपना बेहतर योगदान दिया जा सके, साथ ही वह मानते हैं कि सामाजिक विषयों पर लेखन और चिंतन शिक्षित लोगों का दायित्व है और उन्हें दृढ़ विश्वास है कि स्पष्टता ही मजबूत कदम उठाने मे मदद करती है और इस विश्वास के साथ कि अच्छा साहित्य ही युवाओं को हर तरह से मजबूत करके देश को महाशक्ति और पूर्णतया आत्मनिर्भर बनाने मे बेहतर योगदान दे पाने मे सक्षम करेगा, वह साहित्य अध्ययन को प्रोत्साहित करने को प्रयासरत हैं,  जिस तरह बूँद-बूँद से सागर बनता है वैसे ही एक समृद्ध साहित्य कोश के लिए एक एक रचना मायने रखती है, एक लेखक/कवि की रचना आपके जीवन/अनुभवों और क्षेत्र की प्रतिनिधि है यह मददगार है उन लोगों के लिए जो इस क्षेत्र के बारे में जानना समझना चाहते हैं उनके लिए ही साहित्य के कोश को भरने का एक छोटा सा प्रयास है यह वेबसाइट ।


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Anecdotes

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इस कैटेगरी की पोस्ट या फिर  लेख में एक प्रयास रहेगा कि पाठकों के साथ किसी वास्तविक इंसान के जीवन से जुड़ी हुई वास्तविक घटनाओं जिससे पाठकों को स्पष्टता मिले, साहस और बुद्धि मिले, साझा करने का प्रयास किया जाएगा इनका स्त्रोत या तो कोई परिचित व्यक्ति हो सकता है या कोई पब्लिक फिगर या लेखक के द्वारा पढ़ी हुई कोई किताब में वर्णित कोई वाक्य जिसे साझा करने की अनुमति हो मुख्य उद्देश्य पाठकों को जागरूक करना, समझदार संवेदी और साहसी बनाना ही होगा।


शुभकामनाएं 

लवकुश कुमार 

लेखक भौतिकी में परास्नातक हैं और उनके लेखन का उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी के लिए अपने विचार साझा करना है ताकि उत्कृष्टता, अध्ययन और विमर्श को प्रोत्साहित कर देश और समाज के उन्नयन में अपना बेहतर योगदान दिया जा सके, साथ ही वह मानते हैं कि सामाजिक विषयों पर लेखन और चिंतन शिक्षित लोगों का दायित्व है और उन्हें दृढ़ विश्वास है कि स्पष्टता ही मजबूत कदम उठाने मे मदद करती है और इस विश्वास के साथ कि अच्छा साहित्य ही युवाओं को हर तरह से मजबूत करके देश को महाशक्ति और पूर्णतया आत्मनिर्भर बनाने मे बेहतर योगदान दे पाने मे सक्षम करेगा, वह साहित्य अध्ययन को प्रोत्साहित करने को प्रयासरत हैं, जिस तरह बूँद-बूँद से सागर बनता है वैसे ही एक समृद्ध साहित्य कोश के लिए एक एक रचना मायने रखती है, एक लेखक/कवि की रचना आपके जीवन/अनुभवों और क्षेत्र की प्रतिनिधि है यह मददगार है उन लोगों के लिए जो इस क्षेत्र के बारे में जानना समझना चाहते हैं उनके लिए ही साहित्य के कोश को भरने का एक छोटा सा प्रयास है यह वेबसाइट ।


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एक बात जिसको लेकर मैं पूरी तरीके से आश्वस्त हूं कि हमारे आसपास के माहौल में जहां हम उठते- बैठते हैं जिनसे मिलते हैं जो कुछ देखते-सुनते हैं वहां पर जिस तरह की बातें और कार्य हमें दिखाई देते हैं कहीं ना कहीं हम उनकी तरफ इंक्लाइन हो जाते हैं या हम कहें कि हम उनके बारे में सोचते हैं तो इसी बात को ध्यान में रखते हुए मुझे लगता है कि जो बदलाव समाज में जरूरी हैं या जिन बातों, जिन मुद्दों पर लोगों का ध्यान खींचना जरूरी है हम उन्हें अपने सोशल मीडिया के द्वारा अन्य लोगों तक पहुंचाएं ताकि वह भी समाज में सकारात्मक और बेहतर बदलाव के लिए उन विषयों पर सोचें, जानकारी हासिल करें और स्पष्टता मिलने के बाद उन्हें आगे बढ़ाएं ताकि अन्य लोग भी उन पर काम कर सकें और अपनी समझ को पुख्ता कर सके, इस कैटेगरी के लेख इसी उद्देश्य लिखे जाएंगे ताकि सीधे आप अपने सोशल मीडिया या कहें कि व्हाट्सएप के स्टेटस और जो अन्य सोशल मीडिया के उपकरण है उन पर साझा करके जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए अपना योगदान कर सकें, अगर कोई जरूरी बात हमारे दोस्तों की लिस्ट में 5-6 लोग भी साझा कर दें तो हम उस पर सोचने पर जरूर विचार करेंगे कि हां कई लोगों ने लिखा है तो यह बात क्या है फिर बात चाहे वह संवेदनशीलता की हो, ईमानदारी की हो प्रतिबद्धता की हो या सच्चाई की हो लोग उस पर सोचेंगे फिर वह केवल किताबी बातें नहीं रह जाएंगी क्योंकि अब वह माहौल में आ रही है लोग उस पर बात करेंगे उनके फायदे के बारे में जानेंगे।

शुभकामनाएं 

लवकुश कुमार 

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