"जिम्मेदारियों को स्वीकार करने से खुद को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होता है"
"Accepting Responsibilities paves the path for strengthening oneself ".
जब तक जीवन भय मुक्त न हो
सुख शांति संयुक्त न हो
भ्रष्टाचार, अपराध बलात्कर विलुप्त न हो
गला क्रंदन मुक्त न हो।
देशभक्त मतवालों के,
हम सब हिम्मत वालों के,
आगे बढ़ते चलें क़दम,
पर्वत चढ़ते चलें क़दम!
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
डॉ अनिल वर्मा
कवि कृषि रसायन में परास्नातक हैं और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर उत्तराखंड में कृषि रसायन पर शोध कार्य कर चुके हैं।
ये कवि के निजी विचार हैं और समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और बेहतरी के प्रयोजन से लिखे गए हैं।
लोग जन्म लेते हैं और तरह तरह के रास्ते अपनाते हैं सुख-दुख, आराम - तकलीफ से होते हुए आगे बढ़ते हैं, उनमें से कुछ लोग रास्ता चुनते हैं लोगों को जागरूक करने का, ऐसे लोगों के जीवन में भी आते हैं, सुख-दुख, आराम - तकलीफ लेकिन वो आगे बढ़ते रहते हैं क्योंकि ये एक बहुत जरूरी काम है, हर युग में जरूरी |
ताकि समाज में समता आये, लोगों को गरिमामय जीवन मिले और वो अपने अधिकार को लेकर जागरूक और सचेत रहने के साथ दूसरों की तकलीफों और जरूरतों को लेकर संवेदनशील रहें और इस तरह निर्माण हो सके एक खूबसूरत और शुकून भरे समाज का |
- लवकुश कुमार