बेईमानी तब ही हारेगी जब, जब हम ईमानदार का साथ देकर उनके हांथ मजबूत करेंगे।
ईमानदार का मज़ाक बनाकर और उसे दुनियादारी से अनभिज्ञ बोलकर ् हम उसका मनोबल तो गिराते ही हैं साथ ही अन्य लोगों को हतोत्साहित करते हैं जो ईमानदारी के रास्ते चलना चाहते हैं।
एक तरफ तो हम कहते हैं कि ईमानदार लोग बहुत कम हैं और दूसरी तरफ अपना समर्थन उन्हें देना चाहते हैं जो बेईमान हैं ताकि उनसे अनुचित लाभ ले सकें।
ईमानदारी के रास्ते पर चलने वाला इंसान दुनिया ्। दारी से अनभिज्ञ नहीं, एक साहसी इंसान है जो एक सही काम के लिए असुविधा ्। का सामना करने से नहीं डरता।
अगर आप चाहते हैं कि ईमानदार लोग ्। की संख्या बढ़े तो उन्हें समर्थन दें उनके साथ खड़े हों, अपने डर, मोह और लालच को किनारे कर।