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जब जीवन फौलाद से टकराता है तो अंदर का फौलाद निकलकर बाहर आता है
जब आप जीवन मे सही काम मे लगते हैं
तो आपकी मजबूती बढ़ती जाती है
आप एक से एक अच्छे और मजबूत लोगों से जुडते जाते हैं
आपके जीवन से आलस्य चला जाता है
आप अपनी बुद्धि का अधिकतम इस्तेमाल कर पाते हैं
आपके जीवन से क्षुद्र चीज़ें धीरे धीरे हटने लगती हैं
आप फिर छोटी छोटी बातों पर परेशान होना छोड़ देते हैं
जीवन मे उच्चता आती है फिर आपका जीवन आम से खास बन जाता है अपने आप
बस जरूरत है जीवन मे सही काम चुनने की
सही काम वो जो जीवन मे सत्य, शांति, आज़ादी, गरिमा और उत्कृष्टता लाये |
जब जीवन फौलाद से टकराता है तो अंदर का फौलाद निकलकर बाहर आता है
जब आप जीवन मे सही काम मे लगते हैं
तो आपकी मजबूती बढ़ती जाती है
आप एक से एक अच्छे और मजबूत लोगों से जुडते जाते हैं
आपके जीवन से आलस्य चला जाता है
आप अपनी बुद्धि का अधिकतम इस्तेमाल कर पाते हैं
आपके जीवन से क्षुद्र चीज़ें धीरे धीरे हटने लगती हैं
आप फिर छोटी छोटी बातों पर परेशान होना छोड़ देते हैं
जीवन मे उच्चता आती है फिर आपका जीवन आम से खास बन जाता है अपने आप
बस जरूरत है जीवन मे सही काम चुनने की
सही काम वो जो जीवन मे सत्य, शांति, आज़ादी, गरिमा और उत्कृष्टता लाये |
हीनता की भावना पैदा करने और मान्यता प्राप्त करने लिए बेहतर करने के लिए मजबूर करने की पद्धति की तुलना में प्रशंसा बेहतर और सकारात्मक तरीके से काम कर सकती है। Appreciation may work in a better and in a positive way than the methodology of instilling feeling of inferiority and then forcing to do better to get recognition.
हीनता की भावना पैदा करने और तब मान्यता प्राप्त करने लिए बेहतर करने के लिए मजबूर करने की पद्धति की तुलना में प्रशंसा बेहतर और सकारात्मक तरीके से काम कर सकती है। Appreciation may work in a better and in a positive way than the methodology of instilling feeling of inferiority and then forcing to do better to get recognition.
खुलापन रिस्ते/व्यवहार की नीव मे सत्य का समावेश करता है |
उस मजबूत नीव पर आप एक आलीशान मकान बना सकते हैं |
खुलापन हमारी एक सच्ची छवि बनाता है जिससे हम अपने जैसे लोगों को ही आकर्षित करते हैं |
खुलापन हमे भी एक मानसिक स्पष्टता देता है और हमारे लिए निर्णय निर्माण आसान होता है |
खुलापन हमे पहचान के संकट से बचाता है |
खुलापन हमारे अंतर्द्वंद को कम करता है |
खुलापन हमारी विश्वासनीयता को बढ़ा सकता है |
खुलापन रिस्ते/व्यवहार की नीव मे सत्य का समावेश करता है |
उस मजबूत नीव पर आप एक आलीशान मकान बना सकते हैं |
खुलापन हमारी एक सच्ची छवि बनाता है जिससे हम अपने जैसे लोगों को ही आकर्षित करते हैं |
खुलापन हमे भी एक मानसिक स्पष्टता देता है और हमारे लिए निर्णय निर्माण आसान होता है |
खुलापन हमे पहचान के संकट से बचाता है |
खुलापन हमारे अंतर्द्वंद को कम करता है |
खुलापन हमारी विश्वासनीयता को बढ़ा सकता है |
हमे अपनी शिक्षा मे साहित्य अध्ययन को समुचित महत्व देना चाहिए
ताकि देश के नागरिक अपने देश मे रहने वाले सभी वर्गों और तबकों के संघर्ष,
नजरिए और आकांक्षाओं से परिचित होकर उनके साथ तालमेल बैठकर
आगे बढ़ सकें और देश की उन्नति मे सहयोग कर सकें |
बहुत बेहतर हो की वो अपनी समझ और विचार को शब्द देकर उसे लिखित/मौखिक रूप से अभिव्यक्त
कर सकें, ऐसा होने पर ही हम उन्हे सही मायने मे पढ़ा लिखा इंसान बना पाएंगे,
अन्यथा वो जीवन को केवल भोग और विलासिता का जरिया समझकर जीवन बिता देंगे |
जब हम किसी से प्रेम करते हैं तो उसके भले और उन्नति की बात सोंचते हैं|
किसी और के लिए भला क्या है इसे जानने से पहले
हमे खुद के लिए भला क्या है, ये जानना होगा
जिसके लिए सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि
हम एक शरीर मात्र नहीं बल्कि एक बेचैन चेतना हैं
जिसे चैन चाहिए जो चैन मिलता है जीवन मे
सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान देकर
बिना सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान दिये
हम कितना भी भोग (consumption or pleasure) लें हमे
चैन नहीं मिलना |
अच्छा साहित्य हमारी चेतना को उठाता है और हमे लोगों की
तकलीफ के प्रति संवेदनशील बनाता है |
हिन्दी साहित्य मे राहुल सांकृत्यायन, मुंशी प्रेमचंद जैसे महान लेखक हुये हैं,
जिन्हे पढ़कर आप समाज को बेहतर रूप से समझ सकते हैं और अपनी चेतना को ऊपर उठा सकते हैं
समझ परिपक्व होती है, अपने कार्य मे उत्कृष्टता के लिए प्रयास से और
समझ का दायरा बढ़ता है साहित्य अध्ययन और नए लोगों को जानने समझने से
हमे अपनी शिक्षा मे साहित्य अध्ययन को समुचित महत्व देना चाहिए
ताकि देश के नागरिक अपने देश मे रहने वाले सभी वर्गों और तबकों के संघर्ष,
नजरिए और आकांक्षाओं से परिचित होकर उनके साथ तालमेल बैठकर
आगे बढ़ सकें और देश की उन्नति मे सहयोग कर सकें |
बहुत बेहतर हो की वो अपनी समझ और विचार को शब्द देकर उसे लिखित/मौखिक रूप से अभिव्यक्त
कर सकें, ऐसा होने पर ही हम उन्हे सही मायने मे पढ़ा लिखा इंसान बना पाएंगे,
अन्यथा वो जीवन को केवल भोग और विलासिता का जरिया समझकर जीवन बिता देंगे |
जब हम किसी से प्रेम करते हैं तो उसके भले और उन्नति की बात सोंचते हैं|
किसी और के लिए भला क्या है इसे जानने से पहले
हमे खुद के लिए भला क्या है, ये जानना होगा
जिसके लिए सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि
हम एक शरीर मात्र नहीं बल्कि एक बेचैन चेतना हैं
जिसे चैन चाहिए जो चैन मिलता है जीवन मे
सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान देकर
बिना सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान दिये
हम कितना भी भोग (consumption or pleasure) लें हमे
चैन नहीं मिलना |
अच्छा साहित्य हमारी चेतना को उठाता है और हमे लोगों की
तकलीफ के प्रति संवेदनशील बनाता है |
हिन्दी साहित्य मे राहुल सांकृत्यायन, मुंशी प्रेमचंद जैसे महान लेखक हुये हैं,
जिन्हे पढ़कर आप समाज को बेहतर रूप से समझ सकते हैं और अपनी चेतना को ऊपर उठा सकते हैं
समझ परिपक्व होती है, अपने कार्य मे उत्कृष्टता के लिए प्रयास से और
समझ का दायरा बढ़ता है साहित्य अध्ययन और नए लोगों को जानने समझने से
हमे अपनी शिक्षा मे साहित्य अध्ययन को समुचित महत्व देना चाहिए
ताकि देश के नागरिक अपने देश मे रहने वाले सभी वर्गों और तबकों के संघर्ष,
नजरिए और आकांक्षाओं से परिचित होकर उनके साथ तालमेल बैठकर
आगे बढ़ सकें और देश की उन्नति मे सहयोग कर सकें |
बहुत बेहतर हो की वो अपनी समझ और विचार को शब्द देकर उसे लिखित/मौखिक रूप से अभिव्यक्त
कर सकें, ऐसा होने पर ही हम उन्हे सही मायने मे पढ़ा लिखा इंसान बना पाएंगे,
अन्यथा वो जीवन को केवल भोग और विलासिता का जरिया समझकर जीवन बिता देंगे |
जब हम किसी से प्रेम करते हैं तो उसके भले और उन्नति की बात सोंचते हैं|
किसी और के लिए भला क्या है इसे जानने से पहले
हमे खुद के लिए भला क्या है, ये जानना होगा
जिसके लिए सबसे पहले हमे ये समझना होगा कि
हम एक शरीर मात्र नहीं बल्कि एक बेचैन चेतना हैं
जिसे चैन चाहिए जो चैन मिलता है जीवन मे
सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान देकर
बिना सत्य, आज़ादी और उत्कृष्टता को उच्चतम स्थान दिये
हम कितना भी भोग (consumption or pleasure) लें हमे
चैन नहीं मिलना |
अच्छा साहित्य हमारी चेतना को उठाता है और हमे लोगों की
तकलीफ के प्रति संवेदनशील बनाता है |
हिन्दी साहित्य मे राहुल सांकृत्यायन, मुंशी प्रेमचंद जैसे महान लेखक हुये हैं,
जिन्हे पढ़कर आप समाज को बेहतर रूप से समझ सकते हैं और अपनी चेतना को ऊपर उठा सकते हैं
समझ परिपक्व होती है, अपने कार्य मे उत्कृष्टता के लिए प्रयास से और
समझ का दायरा बढ़ता है साहित्य अध्ययन और नए लोगों को जानने समझने से
शिक्षा का महत्व क्या है इसकी झलक इस तरह भी मिल सकती है कि इसके लिए प्रयास कितने जा रहें।
मध्य प्रदेश के दमोह के एक शिक्षक ने इस महत्व को दर्शाने के लिए गांव की दीवारों को ब्लैकबोर्ड बनाया और चौराहों को क्लासरूम।
इस पहल और योगदान के लिए माधव सर को माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। विस्तृत खबर के लिए दैनिक भास्कर का आर्टिकल जरूर पढ़ें, लिंक नीचे है।