Article

जीवन को अर्थ देना चाहते, कुछ अच्छा करना चाहते हो, आनंद चाहिए? यह लेख आपके लिए है

अभी, एक बेहतरीन अभिनेता al pacino के बेस्ट सीन देख रहा था, एक दृश्य देखा और इतना प्रभावित हुआ कि तुरंत एक लेख लिखने लगा, एक जरूरी लेख।

लिंक लेख के अंत में;

लेख पर आते हैं, हम ज्यादातर हालातों में इस काबिल जरूर होते हैं कि अपने से किसी कमजोर की मदद कर सकें, और इससे जो आनंद और गर्व की अनुभूति होती है वो अप्रतिम होती है।

हम कई बार शिकायत करते हैं कि हमें दुनिया से यह नहीं मिला, वह नहीं मिला लेकिन क्या साथ में हम यह भी सोचते हैं कि हम अपने से छोटों या less privileged लोगों के लिए कुछ करके एक मिशाल पेश कर रहे हैं?

हम समाज में सच्चाई, ईमानदारी और भलमानसानियत की उम्मीद करते हैं, क्या आपको पता है कि इनकी रक्षा करनी होती है, इन्हें संरक्षण देना होता है तब ही ये मजबूत होकर दूसरों की रक्षा के लायक बन पाते हैं।

इसीलिए मेरा मेरे सुधी पाठकों से आग्रह है, जब भी अवसर मिले, ऐसे प्रयास करें कि सत्य की रक्षा हो और ईमानदारी को संरक्षण मिले।

आज अगर आपके पास संसाधन हैं, ताकत है तो उससे ईमानदारी को बल दें, अपने काम से प्यार करने वालों को प्रोत्साहित करने में लगाएं ताकि कल जब बूढ़े हों तब ये न कहना पड़े कि काम से प्यार करने वाले और ईमानदार लोग इतने कम क्यों हैं ? जब तक आपके पास ताकत है उससे सही चीजों को संरक्षण दें, उन्हें बल दें।

लिंक - https://youtu.be/Jd10x8LiuBc?si=As-rK9Rilah8atQZ

आज सरकारी सेवा में मेरे सीनियर आदरणीय संदीप यादव सर का जन्मदिन है, जितना उनको जाना, अपने सहकर्मियों के लिए मददगार और एक स्वस्थ माहौल का पोषक, परस्पर हितों और परस्पर सम्मान का हिमायती पाया, अतः यह लेख हम सबके प्रिय संदीप सर को समर्पित।

सभी पाठकों को शुभकामनाएं 

-लवकुश कुमार