जिस स्तर पर एआई का इस्तेमाल हो रहा, इसके डेटा सेंटर ( संख्या में कई ) की कूलिंग के लिए बहुत मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है, चिंता का विषय यह है कि "क्या जितने भी लोग एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं उनमें इस जिम्मेदारी का एहसास है कि उनका एआई को दिया गया कोई भी काम सीधे पानी की खपत से जुड़ा है, ऐसा देखने में आया है कि यूट्यूब पर एआई जेनरेटेड कंटेंट की भरमार हो रखी है, बहुत से गैर जरूरी और एक जैसे ही, यह एक उदाहरण है...... बाकी पाठकों पर छोड़ता हूं.....
-लवकुश कुमार
यह लेखक के निजी विचार हैं।