पहले जब छोटी थी तो 26 जनवरी मुझे सिर्फ लड्डू खाने का दिन लगता था और यह पता था कि संविधान इस दिन लागू हुआ था, लेकिन जब बड़ी हुई और मैंने संविधान को कुछ हद तक समझा और यह जाना कि संविधान बनाने के पीछे कितने लोगों की मेहनत लगी है और उससे भी पहले कितने लोगों को इसके लिए कितना बलिदान करना पड़ा है और इसके पीछे कई दार्शनिक मूल्य हैं तब यह जानकर मेरे लिए संविधान के प्रति बहुत आदर बढ़ गया है।
मुझे लगता है कि यह आदर सिर्फ मेरे मन में ही नहीं होना चाहिए बल्कि जितने भी पढ़े लिखे और जागरूक लोग हैं जिनको संविधान के बारे में पता है उनको चाहिए कि वो दूसरों को इन चीजों के बारे में बताएं कि हमारे संविधान में क्या है? हमारे मूल अधिकार क्या है? हमारे कर्तव्य क्या हैं? इन सभी के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए खासकर गांव वासियों और मुख्य धारा से कटे हुए तबके को, जिससे कि हम अपने संविधान के बारे में बेहतर और सूक्षमता से जान सकें और इस तरह से हम अपने संविधान के प्रति और गणतंत्र दिवस के प्रति आदर को व्यक्त करे।
संविधान के बारे में जानना सिर्फ संविधान के बारे में जानना ही नहीं है, बल्कि उससे कहीं बढ़कर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना है, खुद को और अपने अधिकारों और दायित्यों को समझना है।
हमें पता होना चाहिए कि अगर हम एक गलत वोट कर रहे हैं तो उसका कितना बड़ा असर हमारे देश पर पड़ रहा है या हम वोट न करके क्या कर रहे हैं? उसका क्या असर हमारे देश पर पड़ता है? हमें पता होना चाहिए कि अभिव्यक्ति की आज़ादी की सीमा कहाँ तक होती है? भारतीय संविधान में धर्म क्या है? महिलाओं के लिए क्या अधिकार है? स्वतंत्रता क्या है? हम अपने संविधान के अनुच्छेदों का दुरुपयोग न करें, उनका अच्छे से पालन करें, उनको हम बहुत अच्छे से समझें यह हमारे लिए बहुत ज़रूरी है।
हमारे संविधान निर्माता एक धर्म निरपेक्ष और समानता वाला भारत चाहते थे न कि ऐसा भारत जिसमें साम्प्रदायिक उन्माद हो, जो विज्ञान नहीं अंध विश्वास को महत्व दे, वो भारतवासी होकर नहीं बल्कि किसी क्षेत्र विशेष का होकर बोले।
भारतीय संविधान की प्रस्तावना की शुरुआत में ही है *हम भारत के लोग* और आज सच मे बहुत जरूरी है कि हम सही चीजें समझ पाये क्योंकि यही समझेंगे तो सही लोगों को शक्ति मिलेगी और उसी से ये देश बदलेगा। हमें साथ आने की जरूरत है हमें भारतवासी सबसे पहले होने की जरूरत है। आइए साथ मिलकर एक संकल्प ले कि जिन लोगों को संविधान के बारे में पता है वो दूसरों को समझाएंगे और जिनको नहीं पता वो पढ़ेंगे और समझेंगे।
आइए हम जिम्मेदारी ले अपने भारत को फिर से महान बनाने की, उसकी खोयी हुई प्रतिष्ठा वापस लाने की।
आइए गणतंत्र दिवस कुछ ऐसे मनाए,
कि हर दिन गणतंत्र दिवस बन जाए।
गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
-सौम्या गुप्ता
बाराबंकी उत्तर प्रदेश
सौम्या गुप्ता जी इतिहास मे परास्नातक हैं और शिक्षण का अनुभव रखने के साथ समसामयिक विषयों पर लेखन और चिंतन उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं, वो अपनी समझ और लेखन कौशल से समाज में स्पष्टता, दयालुता, संवेदनशीलता और साहस को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
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