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किताबों से हम क्या पा सकते हैं : Book Meet ( पुस्तकों पर चर्चा ) एक सार्थक प्रयास और जरूरी भी : पहाड़ी वोकल्स - अजीम प्रेमजी फाउंडेशन पिथौरागढ़

एक शाम ऐसी भी जब  पिथौरागढ़ में स्थित अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में पहाड़ी वोकल्स के युवाओं द्वारा आयोजित बुक मीट में शिरकत करने का मौका मिला| कई जिज्ञासु और सुधी  पाठकों ने अपने द्वारा पढ़ी गई बेहतरीन पुस्तकों पर चर्चा की|

उन पुस्तकों के महत्व के बारे में बताया उन पुस्तकों को पढ़ कर हम किन सवालों के जवाब पा सकते हैं और किन मानवीय  संवेदनाओं और भावनाओं को समझ सकते हैं इस पर बात की गई| कई लोगों ने बताया की कैसे एक  किताब ने उनके सोचने के  नजरिये  को बदल दिया, कैसे वह अपने पॉइंट ऑफ व्यू से हटकर दूसरों  के नजरिए  से भी दुनिया समाज और लोगों को देख पाने में सक्षम हुए हैं, कैसे उनके पूर्वाग्रह खंडित हुए और सबसे बड़ी बात उन्होंने बात की उस सुकून की जो किताबों को पढ़कर मिलती है हालांकि हमेशा ऐसा नहीं होता कुछ किताबें हमे सवालों से घेर लेती हैं और हमे मानव जीवन के संघर्षों और मार्मिक पहलुओं की तरफ ध्यान खींच ले आती हैं तब सुकून नहीं एक उत्कंठा पैदा होती है, इस पर अलग से बात करेंगे |

 

कुछ लोगों के लिए किताब पढ़ना एक दूसरी दुनिया में जाने जैसा है जैसे कुछ अच्छी मूवीज हमें तुरंत की तकलीफों से दूर कर देती हैं और हम शांतचित्त होकर समझ पाते हैं और एक उम्मीद और उत्साह के साथ दोबारा अपने काम में लग पाते हैं, वैसे ही कुछ बेहतरीन किताबें भी आपको आपकी समस्याओं को दूर से देखने का मौका देती हैं और फिर आपको उन समस्याओं की पीछे के कारण भी समझ आते हैं और वह अपेक्षाकृत छोटी भी लगती हैं साथ ही यदि आप बेहतर किताबों की संगति में हैं तो आपको हल्का महसूस कराएंगी और आपको आजादी के लिए प्रेरित करेंगी, आपको उदार बना सकती हैं बाकि आप किस तरह की किताबों की संगति में हैं यह निर्भर करता है

किसी पाठक ने बताया कि शुकून मिलता है, कोई कहती हैं कि जीवन और दुनिया को बेहतर समझ सकते हैं, किसी का विश्वास है कि इससे हमारे पूर्वाग्रह टूटते हैं, किसी को आत्मविश्वास मिल रहा तो किसी को स्पष्टता, कोई कहता है कि कोई बदलाव लाना है तो बेहतर तरीके और अनुभव का खजाना है किताबों में, तो कोई कहता है कि किताबें बात करती हैं और किसी के लिए किताबें लोगों को और उनकी अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने में मदद करती हैं, कोई लोगों की भावनाओं को समझाने को तो कोई खुद में संवेदनाओं जगाने को किताबों का सहारा लेता है।

अन्य सुधी पाठकों ने बताया की किताबें मानो हमेशा साथ देने वाले दोस्त हो जब कोई आपसे बात करने को ना हो तो किताबें बात करती हैं किताबें आपके काम को और बेहतर करने के लिए स्पष्टता देती हैं|

 एक से एक बेहतरीन किताबों की चर्चा हुई और उनमे से कुछ  के नामों का यहां पर उल्लेख  कर रहा हूं और जल्द ही इनमें से कुछ किताबों पर आपको उनही पाठकों में से कुछ के लेख मिलेंगे जिससे आप और बेहतर समझ पाएंगे संबंधित  किताब के बारे में|  

मंटो की  सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ

Crime and Punishment

  • Novel by Fyodor Dostoevsky

 

 

डार से बिछुड़ी - कृष्णा सोबती

 

Becoming by Michelle Obama

अग्नि की उड़ान – डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम

Invincible Thinking by Ryūhō Ōkawa

 

 

पचपन खम्भे लाल दीवारें-  Usha प्रियंवदा


 

 

The art of being alone by

तुम्हारे लिए -  हिमांशु जोशी

THE ART OF BEING ALONE: Solitude is My Home Loneliness was My Cage by Renuka Gavrani

गबन – मुंशी प्रेमचंद

Gone Girl

Novel by Gillian Flynn

 

चश्मिश – मानवी

Courage to be disliked - Fumitake Koga and Ichiro Kishimi

 

सूरज का सातवाँ घोडा- धर्मवीर भारती

यार पापा – दिव्यप्रकाश दुबे                               

अक्टूबर जंक्शन - दिव्यप्रकाश दुबे

 

 इब्नेबतूती - दिव्य प्रकाश दुबे

 

इस तरह इस बात को बेहतर तरीके समझ पाना आसान होगा कि किसी पुस्तक की थीम क्या है, आपको  इससे क्या मिल सकता है, और इस पुस्तक का साहित्य के क्षेत्र में क्या योगदान और महत्व है यह भी आप जान पाएंगे|


एक बार धन्यवाद आदर्श जी और उनकी टीम  का जिन्होंने इस परिचर्चा को आयोजित किया और इसे रुचिकर बनाया|

इसी परिचर्चा में मुलाकात हुई श्री करण तिवारी जी से जो देवल थल में एक लाइब्रेरी चलाते  हैं जिसमें वहां के कई ग्राम सभाओं के बच्चे पढ़ते हैं और काफी कुछ सीखते हैं|
एक बात और की पहाड़ी वोकल्स में युवा अपना समय और प्रयास बहुत ही जरूरी कार्यों  में दे रहे हैं इसके लिए मैं उन्हे  साधुवाद और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रति भी आभार कि उन्होंने ऐसे प्रयासों के लिए संसाधन उपलब्ध कारये  यह  एक प्रेरणादायक कार्य है इस तरह की परिचर्चा  देश के और भी शहरों/ जगहों में होनी चाहिए ताकि हमारे युवा साहित्य से जुड़ सकें और देश दुनिया में स्थायित्व और बेहतर शांति  ला  सकें|

कुछ लिंक 

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किताबें पढ़ना जारी रखिए, समझते रहिए और संवाद भी जारी रखिए |

 शुभकामनाएं

लवकुश कुमार


 

लेखक बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से भौतिकी मे स्नातक और आई आई टी दिल्ली से भौतिकी मे परास्नातक हैं और उनके लेखन का उद्देश्य समाज की उन्नति और बेहतरी के लिए अपने विचार साझा करना है ताकि उत्कृष्टता, अध्ययन और विमर्श को प्रोत्साहित कर देश और समाज के उन्नयन में अपना बेहतर योगदान दिया जा सके, साथ ही वह मानते हैं कि सामाजिक विषयों पर लेखन और चिंतन शिक्षित लोगों का दायित्व है और उन्हें दृढ़ विश्वास है कि स्पष्टता ही मजबूत कदम उठाने मे मदद करती है और इस विश्वास के साथ कि अच्छा साहित्य ही युवाओं को हर तरह से मजबूत करके देश को महाशक्ति और पूर्णतया आत्मनिर्भर बनाने मे बेहतर योगदान दे पाने मे सक्षम करेगा, वह साहित्य अध्ययन को प्रोत्साहित करने को प्रयासरत हैं।


जिस तरह बूँद-बूँद से सागर बनता है वैसे ही एक समृद्ध साहित्य कोश के लिए एक एक रचना मायने रखती है, एक लेखक/कवि की रचना आपके जीवन/अनुभवों और क्षेत्र की प्रतिनिधि है यह मददगार है उन लोगों के लिए जो इस क्षेत्र के बारे में जानना समझना चाहते हैं उनके लिए ही साहित्य के कोश को भरने का एक छोटा सा प्रयास है यह वेबसाइट ।

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