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लवकुश कुमार - लेखक परिचय

लवकुश कुमार, भौतिकी में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से परास्नातक हैं और वर्तमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

इनका विश्वास है कि अच्छा साहित्य समाज में मानवता के घटक, संवेदनशीलता, विचारशीलता, बंधुत्व और चेतना के उन्नयन में योगदान करता है ; इसी बाबत साहित्यिक लेख, विचार और समीक्षाएं भी साझा की गयी हैं |

 लेखक का विश्वास है की सूचना के इस युग में समावेशी प्रकृति के और समाज में मानवता, उत्कृष्टता और बंधुत्व को प्रोत्साहित करने वाले विचारों पर ज्यादा से ज्यादा जोर देना जरुरी है|

इनका रुझान बचपन से ही हिंदी साहित्य की तरफ रहा, विज्ञान की पढाई के साथ, कहानियां, उपन्यास, निबंध, जीवनी, यात्रा वृत्तान्त और लेख पढ़ते रहे, गायत्री परिवार के पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की अध्यात्म पर पुस्तकें ग्यारहवीं में पढनी शुरू की, साथ ही बचपन से ही कक्षा में पढाए जाने वाले साहित्य ने इनका साहित्य को लेकर लगाव और जिज्ञासा बढाई परिणाम ये हुआ की बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय से भौतिकी में स्नातक करते वक़्त कक्षाओं के बाद का काफी समय साहित्य अध्ययन में दिया, वहां की साइबर लाइब्रेरी में ऑनलाइन ही प्रेमचंद्र द्वारा रचित बहुत सी कहानिया पढ़ी और सामाजिक ताने बाने को लेकर अपनी समझ पुष्ट की |

वहीं के केन्द्रीय पुस्तकालय से फणीश्वर नाथ रेनू और मनु भंडारी जी को पढ़ा, दुष्यंत कुमार जी को पढ़ा और साहित्य से ये लगाव आईआईटी दिल्ली से एम.एस.सी करने से लेकर भारत सरकार की सेवा में शामिल होने से लेकर आज तक जारी है |

जो कुछ सीखा, जिससे जीवन को बेहतर किया वही सब और लोगों के साथ साझा करने के प्रयोजन से इस वेबसाइट का निर्माण किया गया है |

अगर कुछ लोगों की भी जीवन को लेकर जिज्ञासा इस वेबसाइट से शातं हो या उनके जीवन में शांति और उत्कृष्टता आये तो इस वेबसाइट का निर्माण करना सफल माना जायेगा |

                                                                                       

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