रिश्ता कैसा भी हो, पारिवारिक, सामाजिक, व्यावसायिक, सामने वाले को सुरक्षित महसूस कराएं और उन्हें आश्वस्त करें कि उनके हितों का ख्याल रखा जाएगा और रखेँ भी
संवाद जरूरी है, संवादहीनता रिस्तों को कमजोर करती है और लोगों के बीच की खाईं को बढाती है |
मतभेद के चलते एक साथ मिलकर काम करना मुश्किल हो जाता है |
असुरक्षित मन वाला इंसान अपना 100 % नहीं दे पाता |